जनरल डब्बा

जो होता आ रहा है इसके मुसाफिरों के साथ (सौरभ के.स्वतंत्र)

50 Posts

80 comments

Reader Blogs are not moderated, Jagran is not responsible for the views, opinions and content posted by the readers.
blogid : 4168 postid : 603278

रिश्ते

Posted On: 16 Sep, 2013 social issues,कविता में

  • SocialTwist Tell-a-Friend

ये मौन/
ये सन्नाटा
क्यूँ?
आखिर हुआ क्या?
रिश्ते दरकते हैं तो
आवाज़ आती है..
फिर…
लगता है कोई दिल का
टुकड़ा अलग हुआ है/
शायद वजह यही है.
————————-
- सौरभ के स्वतंत्र



Tags:

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (2 votes, average: 5.00 out of 5)
Loading ... Loading ...

2 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Madan Mohan saxena के द्वारा
September 17, 2013

बहुत खूब ,बहुत उम्दा रचना। कभी यहाँ भी पधारें। सादर मदन

    सौरभ के.स्वतंत्र के द्वारा
    September 17, 2013

    धन्यवाद


topic of the week



latest from jagran